आदरणीय
प्रधानमंत्री जी,
सबसे
पहले मैं आपको बताना
चाहता हूँ की मैं
अपने देश से बहुत
ज्यादा प्यार करता हु और
करता ही
रहूँगा. मैं एक साधारण
आदमी हु जिसका किसी
धर्म से या जाती
से लेना देना नहीं
है.
ऐसा
कहते है की आम
आदमी को किसी का
लेना देना नहीं होना
चाहिए और अपनी ही
दिनचर्या में ध्यान देना
चाहिए, लेकिन मैं ऐसा नहीं
हु, बड़ी उम्मीद से
मैंने २०१४ के चुनाव
में आपको अपना vote दिया
था, ताकी इस देश
में जो अब तक
गलत हो रहा था
वो आगे ना हो.
आज कही पे भी
देखता हु तो सब
कुछ गलत होते हुए
नजर आ रहा है.
मुझे पता है की
हम तरक्की कर रहे है,
सारी दुनिए ने भारत का
लोहा माना है. लेकिन
इसी धरती पर अपने
ही लोग अपने ही
देश को खा रहे
है. अपने ही लोग
आज आतंकवादियों को शहीद का
दर्जा दे रहे है.
जो कश्मीर हमारा है उसको आज़ाद
करने के लिए नारे
लग रहे है. अगर
ये सब कश्मीर में
होता तो समझ में
भी आता, लेकिन प्रधानमंत्रीजी
ये सब हमारे दिल्ली
में JNU जैसे बड़े विश्विद्यालय
में हो रहा है
और कोई कुछ नहीं
कर पा रहा है.
ये सिर्फ एक वाकया है
जो देखकर मेरा खून खौल
उठा, ऐसे तो कितने
सारे वाक़ियात होते है जिसे
मेरे जैसे लोग नजरअंदाज
कर नहीं पाते.
मैं
एक नौजवान हु और अपनी
और अपने देश की
तरक्की करना चाहता हु,
लेकिन जब अपने देश
के विरोध में आवाजे उठने
लगती है तब खून
खौल उठता है. कब
तक अभिवक्ति की आज़ादी के
नाम पे अपनी धरतीमाता
का अपमान देखते रहेंगे। सबको अपनी बात
कहने का अधिकार है,
लेकिन उसकी कोई हद
है या नहीं.? कोई
अगर इस देश के
खिलाफ कहेगा तो क्या हमे
हाथ में शस्त्र लेना
पड़ेगा? या हमारा कानून
और सरकार इतनी मजबूत है
की ऐसे लोगो को
सबक सिखाएगा। प्रधानमंत्री जी, आप भी
जानते हो की आज
के युवा अब देश
बारे में अपनी कोई
राय नहीं रखते। कुछ
युवा अपने ही जीवन
में मग्न है और
देश के बारे में
अच्छा सोचने का उनके पास
समय नहीं है और
जो सोचते है उनको भटकाया जा
रहा है. अगर ऐसा
ही चलता रहा तो
आगे चलके हमारे देश
में सिर्फ निराशा का ही वातावरण
निर्माण होगा. मैं
मानता हु की हमारा
देश लोकतांत्रिक है और मुझे
इस बात से गर्व
भी महसूस होता है. लेकिन
प्रधानमंत्रीजी, इसी बात का
कुछ लोग फायदा उठा
रहे है और इस
धरती को कलंकित करने
का प्रयास कर रहे है.
मैंने
आपको vote दिया है, इसीलिए
आपको प्रश्न पूछना मेरा अधिकार समझता
हु और उम्मीद करता
हु की आप भी
इसका जवाब मुझे दोगे।
अगर आप सत्ता पे
हो तो मेरा देश
सुरक्षित रहना चाहिए और
सबसे बड़ी बात की
सबको उसकी इज्जत करनी
चाहिए. अब आप ही
बताईये की मेरे जैसे
लोगो को अपने देश
की तरक्की में ध्यान देना
चाहिए या आपके रहते
हुए भी इसके बारे
में चिंता करनी चाहिए ?
अगर
मैंने कुछ गलत कहा
हो तो माफ़ कर
दीजिये.
आपका देशवासी,
अमर
सावंग
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